है लौ जिन्दगी
जिन्दगी नूर है
मगर इसमें जलने का दस्तूर है
रवायत ये है
के जिन्दगी गहना है
ये हीरा है
और
इसे चाटते रहना है
के लम्हों में मरने का दस्तूर है
अधूरे से रिश्तों में पलते रहो
अधूरी सी साँसों से चलते रहो
यूँ ही जीने जाने का दस्तूर है
है लौ ज़िन्दगी
ज़िन्दगी नूर है..
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