मैं अगर छोड़ ना देता तो मुझे छोड़ दिया होता उसने
इश्क में लाज़मी है हिज्र विसाल मगर
इक अना भी तो है
चुभ जाती है पहलू बदलने में कभी
अब रात भर पीठ लगा कर भी तो सोया नहीं जाता
मैं अगर छोड़ ना देता तो.......
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