तब मैं जानबूझ कर हार जाया करता था
अब चाह कर भी जीत नहीं पाता हूँ तुमसे
पता नहीं कौन सी चाल पर
देखते ही देखते मैं मात खा जाऊँ
ये डर तो लगता है ज़रूर
पर मैं ख़ुश हूँ
कि
तुम खेलना सीख गये….
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