Tuesday, 11 March 2014

चाँद

जब जब पतझड़ में
पेड़ों से पीले पीले पत्ते
मेरे लॉन में आकर गिरते हैं

रात को छत पर जा के
मैं आकाश को तकता रहता हूँ

लगता है
कमज़ोर सा पीला चाँद भी शायद
पीपल के सूखे पत्ते सा
लहराता लहराता
मेरे लॉन में आकर उतरेगा

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