Thursday, 25 September 2014

रात कट चुकी थी

वो अभी तक पुल पे खड़ी थी
अतीत से आती आवाज़ और हंसी
बहुत दूर नही लगी
ऐसे ही लगा
जैसे
आवाज़ अभी तक बीती नहीं
शायद कोहरे में हाथ बढ़ाये
तो छू ही ले उसे
घडी देखी
सेकंड की सुई अपने पहरे पर परेड कर रही थी
और
अभी तक
उसके आने की कोई आहट नही थी

रात में क्रैक आ गया था
आधी रात कट चुकी थी

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