तुझे ऐसे ही देखा था कि जैसे सबने देखा है मगर फिर क्या हुआ जाने... कि जब मैं लौटकर आया तेरा चेहरा मेरी आँखों में रोशन था किसी झक्कड़ के झोंके से गिरी बत्ती बस एक पल का अँधेरा फिर अचानक आग भड़की और हर एक चीज़ जल उठी
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