लम्हो पर बेठी नज्मो को तितली जाल मे बन्द कर लेना
फिर काट के पर उन नज्मो को अल्बम मे पिन करते रहना
जुल्म नही तो और क्या है ?
लम्हे कागज पर गिर के ममियाये जाते है नज्मो के रंग रह जाते है पोरों पर !!
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