Thursday, 7 August 2014

मदारी

चलो इन बादलों सारी परतें छील के देखें...
ज़रूर इनके लबादों में कहीं पोशीदा जेबें भी होंगी...

टटोलें इनकी जेबें...
और देखें,कहाँ पानी की बूंदें हैं?
कहाँ ओले छिपाए हैं?
कहाँ रखते हैं डमरू?
जब बजाते हैं तो
बच्चे चौंक जाते हैं!

किसी इक belt में हंटर भी छुपा होगा...
हवाओं के गुब्बारे भी भरे होंगे...

तुम्हें लगता नहीं
बादल बड़े शातिर मदारी हैं!

No comments:

Post a Comment