वो स्टेशन पर उतरते ही ऐसे उठा ली गई
जैसे कोई फुटपाथ पर पड़ा सिक्का उठा ले!
ट्रेन रुकी ही थी
कि एक आदमी ने बिना जान-पहचान के आगे बढ़कर ट्रंकी हाथ से ले ली.
प्लेटफार्म पर रखी
और बोला
रजिया की बहन हो?
हूं!
उसे कुछ ठीक नहीं लगा
फिर भी गर्दन हिला दी.
हां
छोटू बीमार है,अबुल.इस लिए नहीं आ सकी.
और भाईजान...?
आदमी ने एक लंबी आह ली
और बोला
घर चल कर देख लेना.
ये कह के उसने ट्रंकी उठा ली.
एक पोटली ज़किया के हाथ में दी
और खुद आगे आगे चल दिया.
उसने फिर पूछा
क्या हुआ है भाईजान को?
उन्हें तो चार महीने हुए रजिया को छोड़े.
एक दूसरी के साथ रह रहे हैं.
वो भी उसी चाली में!चल...
और पता नहीं किस बरते पर उसने हाथ से पकड़ के टैक्सी में बिठाया और उड़ गया.
गुम हो गया
बंबई शहर में उसकी रिपोर्ट इंस्पेक्टर चितले के पास आई थी
तो उसने तस्वीर देखते ही कह दिया था
इसे तो मैं ढूंढ़ लूंगा.
ये माल बड़ी जल्दी मार्किट में बिक जाने वाला है कहां बिकेगा ये भी जानता हूं.
कैसे मालूम?
उसके जूनियर ने पूछाथा.
अरे भाई पूरे महाराष्ट्र में दिन के दो सौ साठ रेप होते हैं.
एवरेज है हर पांच मिनट में दो और कभी-कभी ढाई.
वो हंसा,
कम से कम डेढ़ सौ की रिपोर्ट मेरी नज़रों से रोज़ गुज़रती है.
‘रेप मार्किट’ हम से अच्छा कौन समझेगा?
फिर जोर से हंसा
ज़रा पता लगवाओ,
ये तस्वीर छपवाई किसने है?
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