बारिश होती है जब तो इन गारे पत्थर की दीवारों पर भीगे भीगे नक्शे बनने लगते हैं हिचकी हिचकी बारिश तब.. पहचानी सी एक लिखाई लिखती है बारिश कुछ कह जाती है.
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