Friday, 18 July 2014

आमीन

ख्याल ..
अब ख्याल नहीं रहे ...
हर सांस में अब सिर्फ तुम रहे ...
लब पर अब कोई बोल न रहे ...
जुबां की आवाजों में अब सिर्फ तुम दिखे ...
जाओ ..
दिया 'खुद' को ..
तुझे खुदा मान ...
अब तो कह दो 'आमीन' ...
फूंक दो इस पत्थर में जान ..

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