Saturday, 12 July 2014

हिंदुस्तान

हिंदुस्तान में दो दो हिंदुस्तान दिखाई देते हैं
एक है जिसका सर नवें बादल में है
दूसरा जिसका सर अभी दलदल में है
एक है जो सतरंगी थाम के उठता है
दूसरा पैर उठाता है तो रुकता है
फिरका परस्ती तौहम परस्ती और गरीबी रेखा
एक है दौड़ लगाने को तय्यार खड़ा है
अग्नि पर रख पर पांव
उड़ जाने को तय्यार खडा है
हिंदुस्तान उम्मीद से है

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